सर्व भूत हिते रत:
श्री भजनलाल शर्मा
माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा
माननीय कैबिनेट मंत्री, राजस्थान
श्री ओटाराम देवासी
माननीय राज्य मंत्री,राजस्थान
भूकंप से पहले क्या करें?
• छत और नींव में गहरी दरारों की मरम्मत कराएँ। यदि संरचनात्मक दोष दिखाई दें तो विशेषज्ञ की सलाह लें।
• छत पर लगे लाइट फिक्स्चर को मज़बूती से जकड़ें।
• अपने क्षेत्र के लिए BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) द्वारा निर्धारित भवन मानकों का पालन करें।
• अलमारियों को मज़बूती से दीवार से बाँधें।
• बड़े और भारी सामान निचली अलमारियों पर रखें।
• टूटने वाले सामान (जैसे बोतलों में रखा खाना, काँच और चीनी मिट्टी) को नीचे की अलमारी में रखें और उन्हें लैच से बंद करें।
• एक आपातकालीन किट तैयार रखें, जिसमें हों:
o बैटरी से चलने वाली टॉर्च और अतिरिक्त बैटरियाँ
o बैटरी से चलने वाला रेडियो
o प्राथमिक उपचार किट और गाइड
o सूखा भोजन और पैक/सील किया हुआ पानी
o मोमबत्तियाँ और जलरोधक डिब्बे में रखी माचिस
o चाकू
o क्लोरीन टैबलेट या पानी शुद्ध करने का पाउडर
आपातकालीन संचार योजना बनाएँ
• यदि परिवार के सदस्य अलग-अलग जगह पर हों (जैसे काम पर या स्कूल में) तो भूकंप के बाद एक-दूसरे से मिलने की योजना बनाएँ।
• किसी दूसरे राज्य में रहने वाले रिश्तेदार/मित्र को परिवार संपर्क के रूप में तय करें, क्योंकि कभी-कभी लंबी दूरी की कॉल करना आसान नहीं होता है।
• परिवार के सभी लोगों को उस संपर्क व्यक्ति का नाम, पता और फोन नंबर याद कराएँ।
अपने समुदाय की मदद करें
• स्थानीय अखबार में भूकंप से जुड़ी आपातकालीन जानकारी प्रकाशित करें और स्थानीय अस्पताल व सेवाओं के नंबर शामिल करें।
• घर में खतरों की पहचान करने के तरीकों पर सप्ताह भर के कार्यक्रम आयोजित करें।
• स्थानीय आपातकालीन सेवाओं और अधिकारियों के साथ मिलकर विकलांग लोगों के लिए विशेष दिशानिर्देश तैयार करें।
भूकंप के दौरान क्या करें
भूकंप के दौरान जितना संभव हो सुरक्षित रहें। ध्यान रखें कि कई बार छोटा झटका पूर्व झटका (foreshock) होता है और उसके बाद बड़ा भूकंप आ सकता है।
जितना संभव हो हिलना-डुलना कम करें और पास के सुरक्षित स्थान पर जाएँ। हिलना बंद होने तक अंदर ही रहें।
यदि घर/इमारत के अंदर हों
• गिरें (DROP) – ज़मीन पर बैठें।
• ढकें (COVER) – मज़बूत मेज़ या फर्नीचर के नीचे जाएँ।
• पकड़े रहें (HOLD ON) – हिलना बंद होने तक पकड़कर रहें।
• यदि कोई मेज़/डेस्क पास न हो तो अपने चेहरे और सिर को हाथों से ढकें और कमरे के अंदरूनी कोने में झुक जाएँ।
• दरवाज़े की चौखट, कमरे का कोना, मेज़ या बिस्तर के नीचे शरण लें।
• काँच, खिड़कियों, बाहरी दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें।
यदि बाहर हों
• जहाँ हैं वहीं रुकें, लेकिन इमारतों, पेड़ों, स्ट्रीट लाइट और बिजली की तारों से दूर हो जाएँ।
• खुले स्थान पर ही रहें जब तक झटके बंद न हो जाएँ।
• ज़्यादातर दुर्घटनाएँ इमारतों के बाहर, दरवाज़ों पर और दीवारों के पास होती हैं।
यदि वाहन में हों
• सुरक्षित रूप से गाड़ी रोकें और वाहन में ही रहें।
• इमारतों, पेड़ों, पुलों और बिजली की तारों के नीचे न रुकें।
• भूकंप रुकने के बाद सावधानी से आगे बढ़ें और क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और रैंप से बचें।
यदि मलबे में दब गए हों
• माचिस न जलाएँ।
• अनावश्यक रूप से हिलें-डुलें नहीं और धूल न उड़ाएँ।
• अपने मुँह को रूमाल या कपड़े से ढकें।