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शीतलहर और चक्रवात

शीतलहर और चक्रवात

चक्रवात से पहले क्या करें?

चक्रवात के मौसम से पहले:

• घर की जाँच करें; ढीली टाइलें ठीक करें और दरवाज़ों व खिड़कियों की मरम्मत कराएँ।

• घर के पास सूखी या कमजोर टहनियाँ तथा पेड़ हटा दें। लकड़ी के ढेर, टिन की चादरें, ईंटें, कूड़ेदान, साइनबोर्ड आदि को मज़बूती से बाँध दें ताकि तेज़ हवाओं में उड़ न सकें।

• लकड़ी के तख्ते तैयार रखें ताकि ज़रूरत पड़ने पर शीशे की खिड़कियों को ढक सकें।

• मिट्टी के तेल से भरी तूफ़ानी लालटेन, बैटरी से चलने वाली टॉर्च और पर्याप्त ड्राई सेल बैटरियाँ रखें।

• जर्जर इमारतें गिरा दें।

• ट्रांजिस्टर के लिए अतिरिक्त बैटरियाँ रखें।

• कुछ सूखा और लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाला भोजन आपात स्थिति के लिए हमेशा तैयार रखें।

आवश्यक कार्य

चक्रवात की स्थिति में आवश्यक कार्यों को चार चरणों में बाँटा जा सकता है:

1. चक्रवात के मौसम से ठीक पहले

2. जब चक्रवात की चेतावनी मिले

3. जब निकासी  की सलाह दी जाए

4. जब चक्रवात तट पार कर चुका हो

जब चक्रवात शुरू हो:

• रेडियो सुनते रहें (आकाशवाणी मौसम की चेतावनियाँ देती है)।

• लगातार चेतावनियों पर ध्यान दें, इससे तैयारी करने में मदद मिलेगी।

• जानकारी दूसरों तक पहुँचाएँ।

• अफ़वाहों पर ध्यान न दें और न फैलाएँ, इससे घबराहट कम होगी।

• केवल आधिकारिक जानकारी पर विश्वास करें।

• यदि आपके क्षेत्र में चक्रवात अलर्ट जारी हो तो काम सामान्य रूप से करें लेकिन सतर्क रहें।

• चक्रवात अलर्ट का अर्थ है कि 24 घंटों के भीतर ख़तरा है, इसलिए अगले 24 घंटे सतर्क रहें।

• चक्रवात चेतावनी मिलने पर समुद्र तट और नीची जगहों से दूर हट जाएँ।

निकासी से पहले:

• समय रहते ऊँचे और सुरक्षित स्थान या शरण स्थल पर चले जाएँ। देर न करें, वरना फँस सकते हैं।

• यदि आपका घर मज़बूत और ऊँचाई पर है तो घर के सुरक्षित हिस्से में शरण लें। लेकिन यदि निकासी का निर्देश मिले तो तुरंत स्थान छोड़ दें।

• शीशे की खिड़कियों को लकड़ी से ढक दें या स्टॉर्म शटर लगाएँ।

• बाहर के दरवाज़ों को मज़बूत सहारा दें।

• यदि लकड़ी उपलब्ध न हो तो शीशों पर टेप/कागज़ की पट्टियाँ चिपका दें ताकि टुकड़े बिखरें नहीं।

• बिना पकाए खाया जा सकने वाला भोजन और पीने का पानी सुरक्षित बर्तनों में रखें।

• कीमती सामान को ऊपरी मंज़िल पर रख दें।

• तूफ़ानी लालटेन, टॉर्च और अन्य लाइटें सही स्थिति में रखें।

• छोटे व ढीले सामानों को अंदर सुरक्षित रखें।

• ध्यान रखें कि खिड़की और दरवाज़ा केवल उस दिशा में खुल सके जो हवा के विपरीत हो।

• बच्चों और विशेष आहार वाले व्यक्तियों के लिए भोजन की व्यवस्था करें।

• यदि चक्रवात का केंद्र आपके ऊपर से गुज़र रहा है तो थोड़ी देर के लिए हवा व बारिश थम सकती है। इस दौरान बाहर न निकलें, क्योंकि तुरंत बाद विपरीत दिशा से बहुत तेज़ हवा चलेगी।

• घर की बिजली की मुख्य सप्लाई बंद कर दें।

• शांत और धैर्य बनाए रखें।

जब निकासी का निर्देश मिले:

• अपने और परिवार के लिए कुछ दिनों का आवश्यक सामान पैक करें (दवाइयाँ, बच्चों/बुज़ुर्गों के लिए विशेष भोजन आदि)।

• निर्धारित शरण स्थल या निकासी केंद्र पर जाएँ।

• संपत्ति की चिंता न करें।

• शरण स्थल पर प्रभारी के निर्देशों का पालन करें।

• जब तक निर्देश न मिले, शरण स्थल न छोड़ें।

चक्रवात के बाद की सावधानियाँ:

• शरण स्थल में तब तक रहें जब तक घर लौटने का निर्देश न मिले।

• तुरंत बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण कराएँ।

• बिजली के खंभों से लटकती तारों से दूर रहें।

• गाड़ी चलानी हो तो सावधानी से चलाएँ।

• अपने घर के आसपास का मलबा तुरंत साफ़ करें।

• हुए नुक़सान की सही जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।